जय हिन्द जय भारत !
भारत एक लोकतान्त्रिक राष्ट्र है तथा इसका अपना लिखित संविधान है जो कि भारत को एक अद्वितीय राष्ट्र बनाता है । भारत की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहां सभी तरह के मौसम एक साथ देखने को मिल जाते है तथा यह की सामाजिक व्यवस्था ऐसी कि विभिन्न धर्मो के लोग मिल जुल कर रहते है , देश के सभी राज्य अपनी अलग ही पहचान रखते है तथा आज भी संस्कृति संजोय हुए है वही सभी धर्मो की अपनी भिन्न जीवन शैली है तब भी यहाँ पर शांति विधमान है या यु कहें कि अनेकता में एकता है , ये ही विशेषताए भारत को अतुल्य भारत बनाती है । भारत में सभी धर्मो के अपने अपने धार्मिक संविधान है और वे उसी के पर अपना जीवन यापन करते है लेकिन आजादी के पश्चात् भारत का संविधान लिखा गया था जो सभी पर समान रूप से लागु हुआ ।
भारत का संविधान विश्व का सबसे सबसे उत्तम और लम्बा लिखित संविधान है जिसमे कई देशो के संविधान से महत्वपूर्ण हिस्सों को शामिल किया है।
आज से हम भारतीय संविधान का अध्ययन प्रारम्भ करते है तथा हम धीरे धीरे इसकी सभी अनुच्छेदो पर चर्चा करते हुए आगे बढ़ेंगे । भारत का संविधान, भारत का सर्वोच्च विधान है जो संविधान सभा द्वारा 26 नवम्बर 1949 को पारित हुआ तथा 26 जनवरी 1950 से प्रभावी हुआ। यह दिन (26 नवम्बर) भारत के संविधान दिवस के रूप में घोषित किया गया है जबकि 26 जनवरी का दिन भारत में गणतन्त्र दिवस के रूप में मनाया जाता है।
भारतीय संविधान में वर्तमान समय में 395 अनुच्छेद, तथा 12 अनुसूचियां हैं और ये 22 भागों में विभाजित है। परन्तु इसके निर्माण के समय मूल संविधान में 395 अनुच्छेद जो 22 भागों में विभाजित थे इसमें केवल 8 अनुसूचियां थीं।
जारी रहेगा .........