सोमवार, 1 अप्रैल 2019

जय  हिन्द  जय भारत !
       भारत एक लोकतान्त्रिक राष्ट्र है  तथा इसका अपना लिखित संविधान है  जो कि भारत को एक अद्वितीय राष्ट्र बनाता है । भारत की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहां सभी तरह के मौसम एक साथ  देखने को मिल जाते है तथा यह की सामाजिक व्यवस्था ऐसी कि  विभिन्न धर्मो  के लोग मिल जुल  कर रहते है , देश  के सभी राज्य अपनी अलग ही पहचान रखते है तथा आज भी संस्कृति संजोय हुए है वही  सभी धर्मो की अपनी भिन्न जीवन शैली है तब भी यहाँ  पर शांति  विधमान है या यु कहें कि अनेकता में एकता है , ये ही विशेषताए भारत को अतुल्य भारत बनाती है । भारत में सभी धर्मो के अपने अपने धार्मिक  संविधान है और वे उसी के पर अपना जीवन यापन करते है  लेकिन आजादी के पश्चात् भारत का संविधान लिखा गया था जो सभी पर समान रूप से  लागु हुआ । 
      भारत का संविधान विश्व का सबसे सबसे उत्तम और लम्बा लिखित संविधान है  जिसमे  कई देशो के संविधान से महत्वपूर्ण हिस्सों को शामिल किया है।   
             आज  से हम भारतीय संविधान का  अध्ययन  प्रारम्भ करते है  तथा हम धीरे धीरे इसकी सभी अनुच्छेदो पर चर्चा करते हुए आगे  बढ़ेंगे । भारत का संविधान, भारत का सर्वोच्च विधान है जो संविधान सभा द्वारा 26 नवम्बर 1949 को पारित हुआ तथा 26 जनवरी 1950 से प्रभावी हुआ। यह दिन (26 नवम्बर) भारत के संविधान दिवस के रूप में घोषित किया गया है जबकि 26 जनवरी का दिन भारत में गणतन्त्र दिवस के रूप में मनाया जाता है।  
          भारतीय संविधान में वर्तमान समय में 395 अनुच्छेद, तथा 12 अनुसूचियां हैं और ये 22 भागों में विभाजित है। परन्तु इसके निर्माण के समय मूल संविधान में 395 अनुच्छेद जो 22 भागों में विभाजित थे इसमें केवल 8 अनुसूचियां थीं। 
         जारी रहेगा ......... 

शनिवार, 30 मार्च 2019

जय हिन्द दोस्तों 
    आज का भारत एक एक ऐसे दौर से गुजर रहा है जिसमे  झूठो का बोलबाला है ,और ये  झूट और फरेब भारत  को  उसी दलदल में लेकर जाना चाहता है जिससे  निकलने के लिए हमारे पूर्वजो ने अपने जीवन की आहुति दी थी तथा जिसके लिए  हमारे देश के क्रांतिकारियों ने  दुश्मनो से लोहा लिया था। ये  लोग बहुत खतरनाक है जो हमे अनपढ़ बना कर  रखना चाहते है , गरीब बना कर रखना चाहते है , उन्नत्ति के पथ से  दूर रखना चाहते है ,इनका एक ही मकशद है कि किसी तरह से  देश को जाति धर्म में उलझा कर  रखा जाए और दंगे कराए जाए  ताकि देश को विकास के मुद्दों से  भटकाके रखा जाए  और ये लोग सत्ता को  कब्जा सके। 
       आज देश में ऐसा माहौल है कि यहां कोई विकास की बात नहीं करता है  .कोई शिक्षा , सड़को ,   किसानो, सैनिको ,स्मार्ट सिटी ,धरा ३७० ,आदि की बात नहीं करता है बल्कि बात करते है तो बस धर्म खतरे में है ,देश खतरे में है ,राम मंदिर कहाँ बनेगा, क्यों बनेगा।  युवाओ को धर्म के नाम से भड़काया जाता है  उनको रोजगार की बात कोई नहीं करता है उनसे  नहीं सोच की बात कोई नहीं करता  , उनको संविधान  के बारे में   उल्टा सीधा बता कर  भ्रम पैदा किया जाता है  ,देश की युवा पीढ़ी को देश की कानून व्यवस्था  के बारे  में  गलत धारणाए पैदा की जा रही है। देश के सम्मानीय  नायको के बारे  गलत  धारणाए फैलाई  जा रही है  एक तरिके से युवाओ का ब्रेन वाश किया जा रहा है। अब आप अंदाजा लगा सकते है कि देश किस दिशा में जा रहां  है।  
    ये लोग समानता की बात क्यों नहीं करते है ?क्यों फिर उसी कानून व्यवस्था को लाना चाहते है जिसके कारण हम सदियों से गुलाम बने रहे  , क्यों  ये संविधान बदलना चाहते है ?आप लोगो  को थोड़ा भी अंदाजा है इस विचारधारा का ,ये हमे कहा ले जाना चाहती है ?शायद आप अभी इस को गंभीरता से नहीं ले रहे हो  और शायद जब आपकी आंख खुले तो आपके हाथ से डोर निकल  चुकी होगी  और आप अपना माथा पकड़ कर रो रहे होंगे  और पछता रहे होंगे  कि  इस देश की इस हालत के जिम्मेदार आप भी है।   
                    आप सभी से निवेदन है ,अफवाह से बचे और और झूठे लोगो से भी। अपने  विकास के बारे में  मनन करे  और  अपने बच्चो के भविष्य  के बारे में सचेत हो जाइये  और  देश के असली मुद्दों का प्रचार कीजिए  न कि  काल्पनिक  मुद्दों का।  बाकि आप समझदार है।  अन्यो को भी  समझाए 
                                      जय  हिन्द 

मंगलवार, 19 मार्च 2019

       नमस्कार ! आप सभी को होली की हार्दिक शुभकामनाए  !
और आप से निवेदन है कि है हम सुरक्षित होली ही खेलेंगे तथा  प्राकृतिक रंगो का प्रयोग करेंगे और प्यार खुशियों  और हर्षोउल्लाष  के साथ  होली का त्यौहार मनाये।
     अब बात करते  है होली पर्व के पीछे की मान्यताओ  की।  वैसे तो इसके पीछे बहुत सी मान्यताए  और कहानिया सुनाई जाती है  परन्तु इन सब में सबसे ऊपर कहानी आती है होलिका  (जो की हिरणकश्यप की बहन थी )और हिरणाकश्यप के पुत्र प्रलाह्द की  जो की  विष्णु जी का  भक्त  था।  कहते है कि  होलिका आग में नहीं जलती थी इसीलिए हिरणाकश्यप ने प्रल्हाद को जलाने के लिए उसे होलिका के साथ जला दिया था परन्तु उसमे होलिका भी जल गयी थी परन्तु ये कहानी कुछ जमती नहीं जब प्रलाह्द को ही जलाना था तो उसी को जला देते होलिका को क्यों आग में बिठाया।  तो इस कहानी से ये स्पष्ट हो जाता है कि उस समय भी समाज में नारियो को जलाने की निर्मम प्रथा चलती थी
       दूसरी मान्यता  है कि  भारत की परम्परा रही है कि  यहां  के निवासी नई  फसल आने  पर उत्स्व मनाते है जिसे होली के नाम से जाना जाता है और ये तार्किक भी है ,एक दो बात इसमें भी है जो समझ नहीं आती लेकिन फिर भी हम इस तर्क को मान्यता दे सकते है |
   लेकिन विडंबना देखो मेरे देश की हम नारी को जलाने वाली घटनाओ को बड़े ही गर्व  से अपनी पाठ्य पुस्तकों में शामिल करते है और अपने बच्चो को अप्रत्यक्ष  रूप से हिंसा की सिख देते है।  अब ये आप पे छोड़ता  कि  आप अपने बच्चो को क्या सिखाते हो। जय हिन्द  जय भारत 

रविवार, 17 मार्च 2019

नमस्ते, दोस्तों  अपने इस ब्लॉग पर मै  आप सभी का स्वागत करता हूँ ,अभिवादन करता हूँ।  और आशा करता हूँ की आपको  मेरे लिखे ब्लॉग पसंद आएंगे  और  आपको इनसे लाभ भी होगा।
         मै  आप सभी को ये  विश्वास दिलाता हूँ कि  मेरा ये ब्लॉग  आपको विभिन्न विषयो के आधार ज्ञान से अवगत कराएगा।  मै  अपने इस ब्लॉग में  इतिहास,  राजनीती विज्ञान ,समाज शास्त्र , सामान्य विज्ञान  , गणित  ,हिंदी ,और अन्य सामान्य विषयो के बारे महत्वपूर्ण जानकारी आपसे साझा करूंगा। मैं  अपने ब्लॉग में आपसे  कुछ महान  विचारको के शोध  और  उनकी  विचारधारा  साझा करूंगा। धन्यवाद  

जय  हिन्द  जय भारत !        भारत एक लोकतान्त्रिक राष्ट्र है  तथा इसका अपना लिखित संविधान है  जो कि भारत को एक अद्वितीय राष्ट्र बनाता ह...